बांग्लादेशी ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सुनाई छह महीने जेल की सजा
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ढाका, पेट्र : बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को कोर्ट की अवमानना के एक मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई गई है। देश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (आइसीटी) ने बुधवार को उनकी अनुपस्थिति में यह सजा सुनाई।
पिछले वर्ष अगस्त में देश छोड़ने के बाद अवामी नेता को किसी मामले में यह पहली सजा सुनाई गई है। हिंसक छात्र आंदोलन के चलते गत पांच अगस्त को हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार का पतन हो गया था, तब से ही वह भारत में रह रही हैं। डेली स्टार अखबार के अनुसार, जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तजा मजूमदार
अपदस्थ पीएम को कोर्ट की अवमानना के मामले में हुई सजा
पिछले अगस्त में देश छोड़ने के बाद अवामी नेता को पहली सजा की अध्यक्षता वाली आइसीटी-1 की तीन सदस्यीय पीठ ने अवामी नेता से जुड़े फोन काल लीक मामले की समीक्षा के बाद यह आदेश जारी किया। पिछले वर्ष यह बातचीत इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई थी। लीक आडियो क्लिप में अपदस्थ प्रधानमंत्री को गोविंदगंज उपजिला के पूर्व चेयरमैन और प्रतिबंधित बांग्लादेश छात्र लीग के नेता शकील बुलबुल से कथित तौर पर यह कहते सुना गया, 'मेरे खिलाफ 227 मामले दर्ज किए गए हैं, इसलिए मुझे 227 लोगों को मारने का लाइसेंस मिल गया है।' ट्रिब्यूनल ने इस बयान को अवमानना पूर्ण और कोर्ट की छवि को कमजोर करने का प्रत्यक्ष प्रयास माना। आइसीटी ने बुलबुल को भी दो महीने जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मजुमदार की अध्यक्षता वाली इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल- 1 की तीन सदस्यों वाली बेंच ने सुनाया. यह पहली बार है जब अपदस्थ अवामी लीग की लीडर शेख हसीना को करीब एक साल पहले देश छोड़कर भागने के बाद किसी मामले में सजा सुनाई गई है.