मुंह में गोली लगने के बाबजूद नही हटा पीछे सिपाही : पद्म श्री

रील्स और फिल्मों के नकली हीरोज के पीछे पागल होने वाली जनता को आज अपनी आँखें खोलकर इस फौलादी चेहरे को देखना चाहिए, क्योंकि देश के असली भगवान सरहदों पर गोलियां झेलकर हमें चैन की नींद सुलाते हैं! ❌🦁🇮🇳

                      


जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए एक बेहद खतरनाक काउंटर-टेररिस्ट ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के लांस नायक मीनात्ची सुंदरम ने जो जांबाजी दिखाई, वो आपके रोंगटे खड़े कर देगी। आतंकवादियों से लोहा लेते वक्त अचानक दुश्मनों की गोलियां सीधे उनके चेहरे और कंधे को चीरती हुई निकल गईं।लेकिन भारतीय सेना का जवान किस मिट्टी का बना होता है, उन्होंने उस खौफनाक मोड़ पर साबित किया.घावों पर भारी पड़ा जज्बा: भयंकर दर्द और शरीर से बहते खून के बावजूद इस वीर ने न तो कदम पीछे हटाए और न ही हिम्मत हारी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने अपनी पोजीशन संभाली और सामने खड़े आतंकी को सीधे यमराज के पास भेज दिया।


साथियों की रक्षा: खुद मौत के मुहाने पर खड़े होकर भी लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ने अपने साथी जवानों पर एक खरोंच तक नहीं आने दी और इस पूरे मिशन को कामयाबी से अंजाम दिया। उनके इसी अदम्य साहस, फौलादी इरादों और देश के प्रति इस सर्वोच्च बलिदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया है। जब वे इस मेडल को लेने मंच पर बढ़ रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी से लेकर रक्षा मंत्री तक, देश के सबसे बड़े हुक्मरान उनके सम्मान में टकटकी लगाए बैठे थे। जब तक भारत माता की गोद में मीनात्ची सुंदरम जैसे शेर पल रहे हैं, तब तक इस देश का बाल भी बांका नहीं हो सकता। इस महान देशभक्त, जांबाज सैनिक और उनके माता-पिता के चरणों में कोटि-कोटि और झुककर कड़क सलाम! 🫡🇮🇳👑🎖️"ईमानदारी से बताइए, क्या हमारे देश के इन असली हीरोज की वीरगाथा को सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा शेयर और वायरल नहीं किया जाना चाहिए? भारत मां के इस सच्चे लाल के सम्मान में कमेंट्स में एक बार 'जय हिन्द, वंदे मातरम' ज़रूर लिखें! 👇🔥🎖️🚩✨"

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