सार्क जर्नलिस्ट फोरम, इंडिया चैप्टर ने मनाया 'उदन्त मार्तण्ड ' का द्विशताब्दी वर्ष
दो दर्जन पत्रकार और शिक्षाविद सम्मानित
भारत: सार्क जर्नलिस्ट फोरम, इंडिया चैप्टर, भारतीय प्राध्यापक परिषद और कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस आयोजन का मुख्य केंद्र हिन्दी पत्रकारिता की नीव रखने वाले अखबार उदंत मार्तंड द्विशताब्दी वर्ष रहा। इस संगोष्ठी में देश और दुनिया भर से आए पत्रकारों के साथ शिक्षाविदों ने भी अपने विचार रखें। पत्रकारों और शिक्षाविदो ने एक सुर से 'हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विकास में पत्रकारिता का योगदान' को स्वीकार किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, सिक्किम के कुलपति प्रो. मोहन के. और कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज की प्रो. राजश्री शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन के उपरान्त वक्ताओं ने 'उदन्त मार्तण्ड' (भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र) से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता की यात्रा और समाज में चेतना जगाने में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रमुख वक्ता वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शंकर तिवारी ने पत्रकारिता के संघर्षों पर चर्चा की। भारतीय हिंदी प्राध्यापक परिषद के अध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि कलम की ताकत तलवार से भी बड़ी होती है।सार्क जर्नलिस्ट फोरम, नेपाल के अध्यक्ष रुद्र सुबेदी ने बंगाल और उदंत मार्तंड को हिन्दी पत्रकारिता का जन्मदाता बताया और कहा कि नेपाल में पहले नेपाली पत्रकार धर्माधिकारी धर्मादित्य भी बंगाल से ही दीक्षा लेकर नेपाली भाषा में पत्रकारिता की शुरुआत किए थे। इसलिए भारत और बंगाल को नेपाली पत्रकारिता का जन्मदाता कहा जा जा सकता हैं। इस अवसर पर 'उदन्त मार्तण्ड शिखर सम्मान' रुद्र सुबेदी, (नेपाल) ,मुहम्मद सादाब,(नेपाल)युवराज पांडेय,(नेपाल) प्रो. स्मित मिश्रा,(भारत )प्रो.मोहन,(भारत )प्रो.राजेश पासवान,(भारत ).प्रो.शंभू नाथ तिवारी,(भारत) .डा.शशि भूषण कुमार सिंह (भारत)अजमत अली सिद्दकी,(नेपाल )अमर खड़का (नेपाल ), प्रो. संजीव कुमार दुबे,(भारत)प्रो. सत्या उपाध्याय (कलकत्ता) को सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य पत्रकारों में शैलेश शाह कानु, चंदन महतो,सतेंद्र साह ,विप्लव विकास, सहित कई विभूतियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर के अध्यक्ष सुधांशु अनिरुद्ध ने भारतीय प्राध्यापक परिषद के सचिव प्रो.संजीव कुमार दुबे और प्रो.सत्या उपाध्याय का आभार प्रकट किया । सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर और अंतराष्ट्रीय समिति सदस्य प्रो स्मिता मिश्र ने नेपाल से आए सार्क जर्नलिस्ट फोरम के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और भविष्य में मिलकर बेहतर पत्रकारिता के लिए भी प्रेरित किया।
