मोतीलाल नेहरू कॉलेज में 'प्रयोजनमूलक हिन्दी' पर विशेष व्याख्यान आयोजित
हिन्दी पखवाड़ा महोत्सव के तहत कार्यालयी हिन्दी के प्रायोगिक रूप को अपनाने पर दिया गया बल
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मोतीलाल नेहरू कॉलेज में चल रहे 'हिन्दी पखवाड़ा महोत्सव' के अंतर्गत राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्त्वाधान में 'प्रयोजनमूलक हिन्दी और राजभाषा' विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कार्यालयी हिन्दी के महत्त्व को रेखांकित करना और उसके व्यावहारिक स्वरूप से विद्यार्थियों व कर्मचारियों को अवगत कराना था।
मुख्य अतिथि का वक्तव्य:
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग से भावना सक्सेना उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राजभाषा हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक कार्यों की रीढ़ है। उन्होंने प्रयोजनमूलक हिन्दी (Functional Hindi) की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कार्यालयी कामकाज, प्रारूपण (Drafting) और टिप्पणी (Noting) में इसके प्रायोगिक रूप को सरल और सुगम बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि तकनीकी युग में राजभाषा का सही और व्यावहारिक ज्ञान हर युवा व प्रशासनिक कर्मचारी के लिए आवश्यक है।
संयोजक ने जताया आभार:
कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने में राजभाषा कार्यान्वयन समिति के संयोजक अनिरुद्ध सुधांशु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने हिन्दी पखवाड़ा महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों और इस व्याख्यान में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के प्रति विशेष रूप से आभार प्रकट किया।
गणमान्य शिक्षकों व कर्मचारियों की उपस्थिति:
इस गरिमामयी अवसर पर महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. ए. एम. खान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अंतर्विषयक (Interdisciplinary) सहभागिता भी देखने को मिली, जिसमें हिन्दी विभाग के शिक्षक हेमन्त कुमार सिंह, संस्कृत विभाग की शिक्षिका डॉ. प्रियंका चौरसिया और इंग्लिश विभाग की शिक्षिका डॉ. रुचिता सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहीं।
इसके साथ ही राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सभी सम्मानित सदस्यों और महाविद्यालय कार्यालय के सभी गैर-शैक्षणिक (Non-Teaching) कर्मचारियों ने भी इस सत्र में सक्रिय रूप से शिरकत की, क्योंकि कार्यालयी हिन्दी का सीधा संबंध उनके दैनिक प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और राजभाषा को प्रशासनिक कार्यों में प्राथमिकता देने के संकल्प के साथ हुआ।










